देहरादून/ऋषिकेश।
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) नीति के तहत सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। देहरादून विजिलेंस की टीम ने आज दिनांक 21 मई 2026 को ऋषिकेश के पशुलोक बैराज में तैनात जूनियर इंजीनियर (JE) फैसल खान को 50,000 रुपये की अवैध रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जेई मूल रूप से ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर का रहने वाला है।
बिल भुगतान के एवज में मांग रहा था कमीशन
जानकारी के मुताबिक, एक सरकारी ठेकेदार ने पशुलोक बैराज में टेंडर के तहत कुछ निर्माण कार्य कराए थे। इस कार्य के वैध भुगतान (बिल पास करने) को लेकर आरोपी जूनियर इंजीनियर फैसल खान लगातार ठेकेदार को परेशान कर रहा था और कमीशन के तौर पर मोटी रकम की मांग कर रहा था। परेशान होकर ठेकेदार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी सरकारी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 पर मामले की गोपनीय शिकायत दर्ज कराई।
प्राथमिक जांच के बाद विजिलेंस ने बुना ‘ट्रैप’ का जाल
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने मामले की प्राथमिक जांच की, जिसमें घूस मांगे जाने के आरोप बिल्कुल सही पाए गए। इसके तुरंत बाद देहरादून विजिलेंस थाने में आरोपी जेई के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक (SP) विजिलेंस के निर्देशन में भ्रष्ट अधिकारी को पकड़ने के लिए एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
योजना के मुताबिक, आज जैसे ही शिकायतकर्ता ठेकेदार रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठी विजिलेंस टीम ने आरोपी जेई फैसल खान को 50,000 रुपये की नगद घूस लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। टीम द्वारा आरोपी के हाथ धुलवाने पर वे केमिकल के कारण लाल हो गए, जिससे मौके पर ही रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।
सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन की जनता से अपील
इस शानदार और सफल कार्रवाई के बाद उत्तराखंड के सतर्कता निदेशक (Director Vigilance) डॉ. वी. मुरुगेशन ने देवभूमि की जनता से एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने का आह्वान किया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा:
“यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी आपके किसी भी वैध काम के बदले रिश्वत या कमीशन की मांग करता है, तो बिना डरे आगे आएं। भ्रष्टाचार की शिकायत विजिलेंस के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सएप नंबर 9456592300 पर तुरंत दर्ज कराएं। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड बनाने के इस महाअभियान में अपना बहुमूल्य योगदान दें।”
फिलहाल विजिलेंस की टीम आरोपी जेई के ठिकानों और उसकी संपत्ति की जांच में जुट गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पूर्व में और कितनी अवैध संपत्तियां अर्जित की हैं। इस कार्रवाई के बाद से लोक निर्माण और सिंचाई विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।



