रुद्रप्रयाग:
केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर रुद्रप्रयाग पुलिस लगातार सतर्क एवं मुस्तैद है. बीती रात्रि मुख्य यात्रा मार्ग छोड़कर जल्दी नीचे पहुंचने की कोशिश में चार दिल्ली निवासी श्रद्धालु भीमबली और लिंचोली के मध्य नदी किनारे अत्यंत दुर्गम एवं संकरे क्षेत्र में फंस गए. अंधेरा बढ़ने और रास्ता बेहद खतरनाक होने के कारण श्रद्धालुओं की जान जोखिम में पड़ गई. सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू कराया।
चौकी भीमबली से अपर उपनिरीक्षक यशपाल सिंह मय पुलिस बल तथा चौकी लिंचोली से चौकी प्रभारी अनूप शर्मा अपनी टीम के साथ मौके के लिए रवाना हुए. साथ ही वाईएमएफ लीडर चंद्रप्रकाश एवं डीडीआरएफ टीम को भी तत्काल सक्रिय किया गया. घने अंधेरे, फिसलन भरे पहाड़ी रास्तों और तेज बहाव वाली नदी के बीच संयुक्त रेस्क्यू टीम ने अदम्य साहस और बेहतर समन्वय का परिचय देते हुए घंटों अभियान चलाकर चारों श्रद्धालुओं को खोज निकाला. रस्सियों और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित मुख्य यात्रा मार्ग तक लाया गया।
सुरक्षित रेस्क्यू होने पर श्रद्धालुओं ने रुद्रप्रयाग पुलिस, वाईएमएफ एवं डीडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त किया. रेस्क्यू किए गए श्रद्धालुओं में राहुल तिवारी निवासी कृष्णा नगर पूर्वी दिल्ली, रोहन रावत निवासी संगम विहार दिल्ली, कुमारी झंकार निवासी सीलमपुर दिल्ली तथा कुमारी निकिता निवासी संगम विहार दिल्ली शामिल हैं. पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने केदारनाथ यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा है कि यात्रा के दौरान केवल निर्धारित मुख्य पैदल मार्ग का ही उपयोग करें. पहाड़ी क्षेत्रों में शॉर्टकट और अनजान रास्तों का प्रयोग जानलेवा साबित हो सकता है. किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता केंद्र अथवा डायल 112 पर संपर्क करें. रुद्रप्रयाग पुलिस श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
गौर हो कि चारों धामों के कपाट खुलने के बाद बड़ी तादाद में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर चारधाम यात्रा में हृदय गति और स्वास्थ्य खराब होने की वजह से श्रद्धालुओं के मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है. चारधाम यात्रा में 17 मई तक यानी इन 29 दिनों में 55 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है. जो चिंता का सबब बनती जा रही है।



