पिथौरागढ़:
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के विकासखंड कनालीछीना से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक हाईस्कूल में तैनात शिक्षक पर अपने ही विद्यालय की 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पीड़िता के गर्भवती होने पर आरोपी द्वारा उसे गर्भपात की दवा खिलाई गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और इस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
लंबे समय से शोषण और धमकी का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि स्कूल के ही एक शिक्षक द्वारा उसके साथ लंबे समय से दुष्कर्म किया जा रहा था। आरोपी के डर और लोकलाज के कारण यह सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसी दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई।
दवा खिलाने से बिगड़ी हालत, अस्पताल में हुआ खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर आरोपी शिक्षक ने नाबालिग छात्रा को गर्भपात की दवा खिला दी।
तबीयत बिगड़ी: दवा के सेवन के बाद पीड़िता को अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) शुरू हो गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।
परिजनों ने कराया भर्ती: आनन-फानन में परिजन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) कनालीछीना लेकर पहुंचे।
अस्पताल प्रबंधन ने दी सूचना: पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रशांत धानिक ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा की गई जांच में छात्रा के गर्भवती होने की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी।
पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज, आरोपी शिक्षक गिरफ्तार
अस्पताल से सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। पुलिस ने पीड़िता और उसके परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट सहित अन्य गंभीर और सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस उपाधीक्षक (धारचूला) के.एस. रावत का बयान: “मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी शिक्षक को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।”
इलाके में भारी आक्रोश
इस शर्मनाक घटना के बाद से स्थानीय क्षेत्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश का माहौल है। जनमानस और विभिन्न संगठनों ने शिक्षा के इस पवित्र पेशे को बदनाम करने वाले आरोपी के खिलाफ त्वरित और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।



