तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रैक पर पुलिस का अलर्ट: दोपहर 1 बजे के बाद आगे बढ़ने पर रोक, सुरक्षा बोर्ड लगाए

रुद्रप्रयाग:

उत्तराखंड के प्रसिद्ध तृतीय केदार तुंगनाथ धाम और चंद्रशिला ट्रैक पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती भारी भीड़ को देखते हुए रुद्रप्रयाग पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रहे मौसम परिवर्तन और प्राकृतिक जोखिमों को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने विशेष सतर्कता अभियान शुरू किया है। इसके तहत यात्रियों से अपील की गई है कि मौसम खराब होने की स्थिति में वे अपनी यात्रा को जहां के तहां रोक दें।

एसएचओ ने किया स्थलीय निरीक्षण, सुरक्षा मानकों की समीक्षा

उमड़ती भीड़ और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने के लिए प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) ऊखीमठ मनोज नेगी ने चोपता-तुंगनाथ मंदिर मार्ग से लेकर चंद्रशिला ट्रैक तक का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों को यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

दोपहर 1 बजे के बाद चंद्रशिला जाने पर सलाह

पहाड़ों में दोपहर बाद अचानक बदलने वाले मौसम को देखते हुए पुलिस ने ट्रेकर्स और श्रद्धालुओं के लिए समय-सीमा को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं:

  • आकाशीय बिजली का खतरा: श्रद्धालुओं को दोपहर 1:00 बजे के बाद चंद्रशिला ट्रैक पर न जाने की सख्त सलाह दी गई है। दोपहर बाद इस ऊंचे हिमालयी क्षेत्र में मौसम अचानक बिगड़ने और आकाशीय बिजली (लाइटनिंग) गिरने की आशंका सबसे अधिक रहती है।

  • लाउडस्पीकर से मुनादी: तुंगनाथ मंदिर परिसर में लगे लाउडस्पीकरों के जरिए यात्रियों को पल-पल के मौसम और सुरक्षा सावधानियों से लगातार अपडेट किया जा रहा है।

प्रवेश द्वार और मुख्य ट्रैक पर लगे चेतावनी बोर्ड

पुलिस प्रशासन ने चोपता घोड़ा स्टैंड (तुंगनाथ मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार), मंदिर परिसर और चंद्रशिला मार्ग के मुख्य पड़ावों पर चेतावनी एवं जागरूकता बोर्ड स्थापित कर दिए हैं।

यात्रियों के लिए मुख्य गाइडलाइंस: घने कोहरे, अत्यधिक बारिश या तेज हवाएं चलने की स्थिति में ट्रैक पर आगे बढ़ने का जोखिम कतई न उठाएं। सतर्कता ही सुरक्षित यात्रा की गारंटी है।

भीड़ प्रबंधन के लिए मंदिर समिति के साथ बैठक

निरीक्षण के दौरान एसएचओ मनोज नेगी ने तुंगनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों—अभिषेक मैठाणी, प्रमोद मैठाणी और रेवाधर मैठाणी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाने, भीड़ को नियंत्रित करने और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही ट्रैक पर तैनात पुलिसकर्मियों को हिदायत दी गई है कि वे यात्रियों के साथ बेहद संवेदनशील और मददगार व्यवहार अपनाएं।

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