देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत देहरादून पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक अंतरराज्यीय नशा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 511 ग्राम अवैध चरस बरामद की है। पुलिस के मुताबिक आरोपी चरस को सहारनपुर के देवबंद से देहरादून लेकर आया था और इसे स्थानीय नशे के आदी लोगों को बेचने की फिराक में था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में संलिप्त आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस की टीम ने 29 अगस्त 2026 की रात थाना क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया।
चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने बाईपास फ्लाईओवर अंडरपास के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से कुल 511 ग्राम चरस बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम रिहान पुत्र नजम आलम, निवासी मोहल्ला पठानपुरा खंड-04, देवबंद, थाना देवबंद, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, उम्र 30 वर्ष बताया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बरामद चरस को देवबंद, सहारनपुर से लेकर देहरादून आया था। उसकी योजना देहरादून में स्थानीय नशे के आदी लोगों को चरस बेचने की थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस जांच में आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। आरोपी पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में दिल्ली से जेल जा चुका है। उसके खिलाफ थाना क्राइम ब्रांच, दिल्ली में मु0अ0सं0 259/24, धारा 8/20/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।
आरोपी के खिलाफ थाना नेहरू कॉलोनी में एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
रिहान पुत्र नजम आलम, निवासी मोहल्ला पठानपुरा खंड-04, देवबंद, थाना देवबंद, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, उम्र 30 वर्ष।
बरामदगी
- 511 ग्राम अवैध चरस
आपराधिक इतिहास
- मु0अ0सं0 259/24, धारा 8/20/29 एनडीपीएस एक्ट, थाना क्राइम ब्रांच, दिल्ली।
पुलिस टीम
- उ0नि0 धनीराम पुरोहित, चौकी प्रभारी फव्वारा
- हे0का0 सतेन्द्र कुमार
- का0 राविन्द्र
देहरादून पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में लिप्त तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” के विजन को धरातल पर साकार किया जा सके।



