भारत की समृद्ध गुरु-शिष्य परंपरा में शिक्षकों का है सर्वोच्च स्थान: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति, शिक्षाविद् एवं दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन करते हुए कहा कि शिक्षक सही मायने में राष्ट्र निर्माता हैं। विद्यार्थियों को शिक्षित करने, उनका चरित्र निर्माण कर योग्य नागरिक बनाकर समाज को नई दिशा देने तथा राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की समृद्ध गुरु-शिष्य परंपरा में शिक्षकों का सदैव सर्वाेच्च स्थान रहा है। शिक्षकों का ज्ञान, समर्पण और मार्गदर्शन विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने तथा अपने सपनों को साकार करने की भी प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि वही देश और समाज आगे बढ़ता हैं, जहां गुरुजनों का सम्मान होता है। गुरुजनों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान की भारतीय परम्परा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए हमें प्रयासरत रहना होगा।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को देश का भविष्य बताते हुए आह्वान किया कि वे गुरुजनों के प्रति श्रद्धा और सम्मान की भावना का अनुसरण कर देश व प्रदेश के विकास में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षकों एवं गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनका समर्पण और योगदान, भावी पीढ़ी के उज्जवल भविष्य की राह प्रशस्त करता है।



