रायपुर आर्मी फायरिंग रेंज में फलदार व जड़ी-बूटी वाले पौधों का रोपण, सुरक्षा के लिए वायरिंग और दो साल के रखरखाव की व्यवस्था
देहरादून। विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने देहरादून की हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्राधिकरण की ओर से रायपुर स्थित आर्मी फायरिंग रेंज में विभिन्न प्रजातियों के फलदार और जड़ी-बूटी वाले पौधों का रोपण किया गया। खास बात यह है कि एमडीडीए ने पौधारोपण के साथ-साथ इनके संरक्षण और रखरखाव की भी ठोस व्यवस्था की है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने आर्मी अधिकारियों के साथ रायपुर आर्मी फायरिंग रेंज में पौधारोपण किया। क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरणीय विविधता को मजबूत करने के उद्देश्य से फलदार एवं जड़ी-बूटी वाले पौधों का चयन किया गया है। प्राधिकरण ने टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से पौधारोपण से संबंधित आवश्यक कार्रवाई पूरी की है।
पौधारोपण के साथ सुरक्षा और रखरखाव पर जोर
एमडीडीए की इस पहल की खास बात पौधारोपण के बाद की गई व्यवस्था है। पौधों को नुकसान से बचाने के लिए रोपण क्षेत्र के चारों ओर लोहे की वायरिंग कराई गई है। साथ ही, पौधों के बेहतर विकास के लिए दो वर्षों तक नियमित रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
प्राधिकरण का मानना है कि केवल पौधे लगा देना पर्याप्त नहीं है। उनकी सुरक्षा, सिंचाई और नियमित देखभाल के माध्यम से ही उन्हें स्वस्थ पेड़ों में विकसित किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से इस बार पौधारोपण के साथ संरक्षण की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की गई है।

विकास के साथ हरियाली भी जरूरी
देहरादून में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार और निर्माण गतिविधियों के बीच प्राकृतिक हरित क्षेत्रों का संरक्षण बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में एमडीडीए की यह पहल विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
फलदार और जड़ी-बूटी वाले पौधों के रोपण से आने वाले वर्षों में क्षेत्र का हरित आवरण बढ़ने के साथ स्थानीय जैव विविधता को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। सेना के अधिकारियों के साथ किया गया यह पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी का संदेश भी देता है।
“पौधे लगाना पहला कदम, उन्हें पेड़ बनाना असली जिम्मेदारी”
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून की पहचान केवल एक विकसित शहर के रूप में नहीं, बल्कि इसकी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और स्वच्छ वातावरण से भी है। तेजी से बढ़ते शहरी विकास के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पौधे लगाना केवल पहला कदम है, उन्हें सुरक्षित रखना और पेड़ बनने तक उनकी देखभाल करना असली जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत रायपुर आर्मी फायरिंग रेंज में लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए वायरिंग और दो वर्ष के रखरखाव की व्यवस्था की गई है।
तिवारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक दायित्व है। विकास योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए प्रकृति और हरियाली को साथ लेकर चलना ही भविष्य के देहरादून की मजबूत नींव तैयार करेगा।
“संरक्षण पर फोकस, तभी सफल होगा अभियान”
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण और रखरखाव को भी प्राथमिकता दे रहा है। रायपुर आर्मी फायरिंग रेंज में लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए लोहे की वायरिंग की गई है और दो वर्ष तक नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने कहा कि इससे पौधों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और उनके बेहतर विकास में मदद होगी। आने वाली पीढ़ियों के लिए देहरादून की हरियाली को सुरक्षित रखने की दिशा में एमडीडीए का यह प्रयास इस बात पर केंद्रित है कि शहर का विकास तभी सार्थक है, जब उसके साथ पर्यावरण और हरित क्षेत्र भी मजबूत हों।



