देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट तथा हरिद्वार, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क मार्ग बाधित होने, जबकि मैदानी क्षेत्रों में जलभराव तथा नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पांच जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए 26 सितंबर, शनिवार को बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अशासकीय और निजी विद्यालयों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। यह निर्णय विद्यार्थियों और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सभी 13 जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश
मौसम की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन से स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित जिलों और विभागों को आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके बाद सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी 13 जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी रखने को कहा।
जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय रखने, मौसम संबंधी चेतावनियों को तत्काल स्थानीय स्तर तक पहुंचाने तथा नदियों, गदेरों और अन्य जलस्रोतों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने को भी कहा गया है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने और अत्यधिक बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। 26 और 27 सितंबर को बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।



