अंकिता भंडारी हत्याकांड: वीवीआईपी की भूमिका की जांच की मांग को लेकर लोकभवन के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस नेता, हिरासत में लिए गए

देहरादून, 15 अक्टूबर। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की भूमिका की जांच कराने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को कांग्रेस नेताओं ने लोकभवन के बाहर धरना दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पहुंचे वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने लोकभवन के मुख्य गेट पर रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस नेता वहीं धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने राजपुर रोड स्थित पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता की। पत्रकार वार्ता के बाद नेता अपने निजी वाहनों से लोकभवन पहुंचे और अंदर जाने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया, जिसके बाद वहां धरना शुरू हो गया।

हरीश रावत बोले—अंकिता के परिवार को मिलना चाहिए न्याय

धरने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी के स्वजन को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि हत्याकांड में कथित तौर पर संलिप्त बताए जा रहे वीवीआईपी को भी जांच के दायरे में लाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

गणेश गोदियाल ने दुष्यंत गौतम के नाम का किया जिक्र

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता कई बार वीवीआईपी के रूप में दुष्यंत गौतम का नाम ले चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि शिकायत के बावजूद संबंधित जांच एजेंसियां मुकदमा दर्ज करने की दिशा में कार्रवाई क्यों नहीं कर रही हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि आरोपों के घेरे में बताए जा रहे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कराई जाए और मामले में किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस अपना संघर्ष जारी रखेगी।

इस दौरान पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक प्रीतम सिंह, कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी और आशा मनोरमा डोबरियाल सहित अन्य नेता मौजूद रहे।

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