देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े उत्पीड़न और धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले के आरोपी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के मोबाइल फोन बंद कर कथित तौर पर अंडरग्राउंड होने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। आरोपी की तलाश में बरेली गई पुलिस टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। वहीं, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) सोमवार को संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई कर सकती है।
अग्रिम जमानत याचिका खारिज, गिरफ्तारी की आशंका के बीच तलाश तेज
जानकारी के मुताबिक, मंत्री रेखा आर्य की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोपी गिरधारी लाल साहू की अग्रिम जमानत याचिका पंचम अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) अंजली बेंजवाल की अदालत ने खारिज कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने अदालत में स्वयं उपस्थित होने के बजाय अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी।
इधर, आरोपी की तलाश में बरेली पहुंची पुलिस टीम ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी का मोबाइल नंबर बंद है। इसके चलते उसकी लोकेशन और वर्तमान ठिकाने का पता लगाने में कठिनाई हो रही है। पुलिस संभावित स्थानों पर दबिश देकर उसकी तलाश कर रही है।
सोमवार को दर्ज हो सकते हैं बयान
मामले की जांच कर रही एसआईटी की कार्रवाई भी आगे बढ़ने की संभावना है। एसआईटी प्रभारी जया बलूनी के अनुसार, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के बयान सोमवार को दर्ज किए जा सकते हैं। रविवार को शासकीय कार्यों में व्यस्तता के कारण उनके बयान दर्ज नहीं हो पाए थे।
वहीं, नए राज्यपाल के देहरादून आगमन और प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह के चलते पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था में व्यस्त रहे। इसके कारण भी जांच से जुड़ी कुछ प्रक्रियाओं पर असर पड़ा।
शिकायत में उल्लेखित कंपनियों की भी होगी जांच
मामले में शिकायत के तहत लगाए गए आरोपों और संबंधित कंपनियों की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस की एक टीम बरेली भेजी गई थी। अब एसआईटी शिकायत में उल्लिखित तथ्यों, कंपनियों से जुड़े विवरण और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच आगे बढ़ा सकती है।
पुलिस आरोपी की तलाश के साथ ही मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी है। जांच के अगले चरण में संबंधित पक्षों के बयान और दस्तावेजों की पड़ताल अहम मानी जा रही है। फिलहाल आरोपी की तलाश जारी है और मामले में एसआईटी की आगामी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।



