गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में मंगलवार से विधानसभा का दो दिवसीय सत्र शुरू होगा। सत्र के पहले दिन सदन में 7,400 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट, 10 विधेयक और विभिन्न विभागों के पांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाएंगे। आगामी विधानसभा चुनाव से करीब दो माह पहले आयोजित हो रहे इस सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच, महंगाई, बेरोजगारी और एसआईआर समेत विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। कांग्रेस ने मंगलवार को विधानसभा घेराव की भी रणनीति बनाई है। वहीं, भाजपा सरकार विकास कार्यों और प्रदेश के विकास के रोडमैप को सामने रखते हुए विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है।
भाजपा और कांग्रेस ने बनाई रणनीति
विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी और विभिन्न दलों के विधायक सोमवार को गैरसैंण पहुंच गए। भराड़ीसैंण में सत्र की तैयारियों के बीच भाजपा और कांग्रेस के विधानमंडल दलों की अलग-अलग बैठकें हुईं। दोनों दलों ने सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों और अपनी रणनीति पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में सत्तापक्ष की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर भी रोष व्यक्त किया गया। इसके साथ ही विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों का जवाब देने की रणनीति तैयार की गई।
दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में सरकार को विभिन्न जनहित के मुद्दों पर घेरने का निर्णय लिया गया। कांग्रेस विधायक अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच, महंगाई, बेरोजगारी और एसआईआर जैसे विषयों को सदन में उठाएंगे। इसके अलावा विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं और विकास कार्यों की कथित अनदेखी का मुद्दा भी उठाने की तैयारी की है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड समेत कई मुद्दों पर घिरेगी सरकार
कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच में सरकार के कथित ढुलमुल रवैये को प्रमुख मुद्दा बनाया है। पार्टी महंगाई और बेरोजगारी के साथ अन्य जनसमस्याओं को लेकर भी सरकार से जवाब मांगेगी। विधानसभा घेराव के जरिए विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करेगा।
वहीं, भाजपा विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों को सामने रखकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है। ऐसे में दो दिवसीय सत्र के दौरान सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी को दी जाएगी श्रद्धांजलि
सत्र के पहले दिन सदन में पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के अनुसार, सत्र के दौरान अनुपूरक बजट समेत कुल 10 विधेयक सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सत्र के लिए 31 विधायकों की ओर से कुल 445 सवाल लगाए गए हैं। इन सवालों के माध्यम से विभिन्न विभागों से संबंधित विषयों पर सरकार से जवाब मांगे जाएंगे।
सत्र के पहले दिन पेश होंगे ये 10 विधेयक
- उत्तराखंड का अनुपूरक बजट
- उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी अधिनियम विधेयक
- उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक
- उत्तराखंड निवेश और आधारित संरचना विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक
- उत्तराखंड जनविश्वास उपबंधों का संशोधन (द्वितीय) विधेयक
- उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक
- उत्तराखंड उच्च शिक्षा अधिनियम संशोधन विधेयक
- उत्तराखंड सिविल विधि संशोधन विधेयक
- उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक
- उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक
कुल मिलाकर, गैरसैंण में शुरू होने जा रहा यह संक्षिप्त विधानसभा सत्र बजट और विधायी कार्यवाही के साथ-साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सदन में सरकार के विधायी एजेंडे और विपक्ष के सवालों के बीच सियासी गर्मी बढ़ने की संभावना है।



