पानी वाले बैंड के पास सड़क क्षतिग्रस्त, दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार; विभाग ने शुरू किया मलबा हटाने का काम
मसूरी। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बीच मसूरी-देहरादून मार्ग पर एक बार फिर भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पानी वाले बैंड के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे मार्ग का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। सड़क बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
बारिश के बीच मार्ग पर फंसे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। भूस्खलन की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया।
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बार-बार भूस्खलन से संवेदनशील हुआ क्षेत्र
पानी वाला बैंड पिछले कुछ समय से भूस्खलन की घटनाओं के कारण संवेदनशील बना हुआ है। बारिश के दौरान यहां पहाड़ी से मलबा गिरने के साथ सड़क किनारे की जमीन भी खिसक रही है। शनिवार को हुए भूस्खलन के बाद सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष आई आपदा के बाद से क्षेत्र की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। लगातार बारिश के बीच बार-बार पहाड़ी दरकने से आने वाले दिनों में खतरा बढ़ने की आशंका है।
मलबा हटाकर यातायात सुचारु करने का प्रयास
मार्ग बंद होने की सूचना के बाद लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू किया। विभाग की ओर से फिलहाल मार्ग को एकतरफा यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि दोनों ओर लगे वाहनों के दबाव को कम किया जा सके।
एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने बताया कि लोक निर्माण विभाग को जल्द से जल्द मार्ग सुचारु करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की टीम मौके की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
स्थायी समाधान की उठी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार भूस्खलन के बाद केवल मलबा हटाकर सड़क खोलना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। पानी वाले बैंड की पहाड़ी का विशेषज्ञों से सर्वे कराकर संवेदनशील हिस्सों का उपचार किया जाना जरूरी है।
स्थानीय निवासी दीपक रावत ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क और पहाड़ी को सुरक्षित करने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य कराए जाएं, ताकि बारिश के मौसम में बार-बार मार्ग बंद होने और यात्रियों को होने वाली परेशानी से निजात मिल सके।



