देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए अब सख्त कदम उठाए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने सोमवार को देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक होटल में अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बैठक में न्यायमूर्ति सप्रे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना हेलमेट और वैध ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया वाहन चलाने वालों को पेट्रोल न दिया जाए। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में बिना हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन बीमा वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सरकारी कर्मचारियों द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन को भी गंभीरता से लेने को कहा। नियमों का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी अनुपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
आठ माह में 1,480 सड़क हादसे, 884 लोगों की मौत
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े आंकड़े भी प्रस्तुत किए गए। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष अगस्त तक उत्तराखंड में 1,480 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 884 लोगों की मौत हुई, जबकि 1,626 लोग घायल हुए।
जिलावार आंकड़ों में सबसे अधिक मौतें ऊधमसिंह नगर में 229, हरिद्वार में 213, देहरादून में 131 और नैनीताल में 104 दर्ज की गई हैं। समिति अध्यक्ष ने इन आंकड़ों को गंभीरता से लेते हुए सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का विस्तृत विश्लेषण करने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
चारधाम यात्रा मार्ग पर बढ़ाए जाएंगे कैमरे
चारधाम यात्रा मार्ग पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एनपीआर कैमरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। पर्वतीय मार्गों पर कैमरों के माध्यम से ओवरस्पीडिंग के चालान की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में अधिक जनहानि की स्थिति को देखते हुए वहां भी सड़क सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए।
वाहन नंबर से होगी दस्तावेजों की जांच
बैठक में वाहन नंबर के आधार पर पंजीकरण, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) और बीमा की स्थिति की जांच करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर स्वचालित चालान की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
समिति ने संबंधित विभागों को यातायात नियमों के पालन के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के लिए उपलब्ध तकनीक का अधिकतम उपयोग करने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव परिवहन रविनाथ रमन, सचिव वित्त रणवीर सिंह चौहान, निदेशक यातायात कृष्ण कुमार समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



