देहरादून।
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच भारत निर्वाचन आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के 17 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) का पंजीकरण रद्द कर दिया है। आयोग की इस कार्रवाई के बाद राज्य में ऐसे दलों की संख्या 42 से घटकर 25 रह गई है। वहीं, सात नए राजनीतिक दलों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है, जिन पर निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिन 17 दलों का पंजीकरण समाप्त किया गया, उन्होंने पिछले छह वर्षों के दौरान किसी भी चुनाव में भाग नहीं लिया। जांच के दौरान इनमें से अधिकांश दल अपने पंजीकृत कार्यालयों पर भी मौजूद नहीं पाए गए। साथ ही कई दलों ने वित्तीय रिटर्न, अंशदान रिपोर्ट और आंतरिक संगठनात्मक चुनाव जैसी अनिवार्य औपचारिकताओं का भी पालन नहीं किया था।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इन दलों को निष्क्रिय अथवा संदिग्ध मानते हुए पहले नोटिस जारी किए थे। संबंधित दलों को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया गया। सुनवाई और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर भारत निर्वाचन आयोग ने इन दलों का पंजीकरण निरस्त करने का फैसला लिया।
इस कार्रवाई के बाद अब राज्य में केवल 25 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल ही चुनावी गतिविधियों में भाग लेने के पात्र रह गए हैं। दूसरी ओर, सात नए राजनीतिक दलों ने आयोग के समक्ष पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। उनकी पात्रता और दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद आयोग अंतिम निर्णय लेगा।
निर्वाचन आयोग की इस कार्रवाई को चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता, सक्रिय राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने और निष्क्रिय दलों को सूची से हटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इन दलों की चुनावी मैदान से हुई छुट्टी:




