देहरादून/रुद्रप्रयाग:
उत्तराखंड में 19 अप्रैल से आस्था और भक्ति से लबरेज चारधाम यात्रा 2026 शुरू होने जा रही है. ऐसे में चारधाम यात्रा के पैदल रूट पर घोड़े खच्चरों के संचालन को लेकर पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सख्त दिशा निर्देश दिए हैं. इसके अलावा उन्होंने चारों धामों में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही. वहीं, रुद्रप्रयाग पुलिस ने केदारनाथ यात्रा को लेकर पुलिस की ब्रीफिंग की.
बहुत जरूरी हो तो ही करें घोड़े-खच्चर का इस्तेमाल: पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि चारधाम यात्रा को लेकर रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में दो समीक्षा बैठक की जा चुकी है. यात्रा में विशेष तौर पर वो धाम, जो सड़क से जुड़े नहीं है, वहां घोड़े-खच्चरों की अहम भूमिका होती है.
यही घोड़े-खच्चर ही श्रद्धालुओं को बाबा केदार और मां यमुना का आशीर्वाद दिलवाने में अहम रोल अदा करते हैं. विभागीय मंत्री ने सभी तीर्थयात्री और श्रद्धालुओं से अपील की है कि यदि बहुत जरूरी हो और वो बिलकुल चलने में असमर्थ हों, तभी घोड़े-खच्चरों का इस्तेमाल करें.
केदारनाथ और यमुनोत्री रूट पर टास्क फोर्स तैनात: पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि यात्रा सीजन के दौरान इस बार भी पिछले साल की तरह एसओपी (SOP) लागू रहेगी. जिसमें गर्म पानी की व्यवस्था हो या फिर क्रूरता करने पर एफआईआर का प्रावधान, पशुपालन विभाग की ओर से 50 लोगों की टास्क फोर्स केदारनाथ के रूट पर और 10 लोगों की टीम यमुनोत्री धाम में तैनात की गई है.
ये म्यूल टास्क फोर्स यात्रा के पैदल रूट पर सख्त मॉनिटरिंग कर इस बात को सुनिश्चित करेगा कि पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के साथ किसी तरह की कोई क्रूरता या फिर उत्पीड़न तो नहीं किया जा रहा है. इसके अलावा जिला प्रशासन से भी पशु चिकित्सकों की मांग की गई है. ताकि, यात्रा पैदल रूट पर किसी भी घोड़े खच्चर की तबीयत बिगड़ने पर उसका इलाज किया जा सके.
पैदल रूट पर घोड़े-खच्चरों को रेस्ट जरूरी, घटी है मौत की संख्या: इसके अलावा पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि इस बार एक और दिशा निर्देश चारधाम रूट पर हुए घोड़ा खच्चर संचालकों को दिए गए हैं. जिसमें घोड़े खच्चरों को पांच मिनट का रेस्ट यात्रा रूट पर मौजूद किसी पशु चिकित्सालय में जरूर देना है, सीधे आगे नहीं जाना है.
उनका कहना है कि साल 2022 में जब उन्होंने यह विभाग संभाला था तो उस समय के यात्रा सीजन के दौरान 250 से ज्यादा घोड़े खच्चरों की मौत हुई थी, लेकिन पिछली यात्रा सीजन 2025 में केदारनाथ और यमुनोत्री के पैदल यात्रा रूट पर केवल 35 घोड़ों की मौत की खबर सामने आई, जो दिखाता है कि धीरे-धीरे व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है.
धामों में माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई: कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि हमारे चारों धामों में किसी भी तरह की मांस मदिरा का सेवन न हो, इसको लेकर उन्होंने पिछली बार भी जब वो रुद्रप्रयाग के प्रभारी मंत्री थे, तब भी उन्होंने जोर दिया था.
इस बार जब वो उत्तरकाशी में प्रभारी मंत्री हैं तो समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने जिला प्रशासन से कहा है कि वो हमारे धामों में मांस मदिरा का सेवन करने वालों या फिर उसको उपलब्ध करवाने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें. यहां तक कि लाखों में पैनल्टी उन पर लगाए जाएं. ताकि, एक उदाहरण सेट किया जा सके.
साथ ही उन्होंने कहा कि चारों धामों की श्रद्धा की जहां तक बात है तो केवल उन्हीं लोगों को यहां आना चाहिए, जिनको बाबा केदार, बदरीनाथ, मां गंगा और यमुना में श्रद्धा है. हमारे चारों धाम कोई पर्यटक स्थल या पिकनिक स्पॉट नहीं बल्कि, आस्था के केंद्र हैं, तो जिन लोगों में आस्था न हो, उन्हें यहां नहीं आना चाहिए.
केदारनाथ यात्रा को लेकर रुद्रप्रयाग पुलिस पूरी तरह मुस्तैद, एसपी ने जवानों को किया ब्रीफ: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस पूरी तरह तैयार है. 22 अप्रैल से शुरू होने जा रही यात्रा के मद्देनजर रिजर्व पुलिस लाइन रतूड़ा में ब्रीफिंग हुई. जिसमें पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने यात्रा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मित्रता, सेवा, सुरक्षा’ और ‘अतिथि देवो भवः’ के संकल्प के साथ श्रद्धालुओं का स्वागत किया जाएगा. साथ ही निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में पुलिसकर्मी धैर्य न खोएं और श्रद्धालुओं के साथ शालीन एवं सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखें. अनुचित आचरण पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
यात्रा मार्ग, केदारनाथ धाम और पैदल मार्ग के विभिन्न पड़ावों के लिए ड्यूटी आदेश जारी कर दिए गए हैं. सभी कार्मिकों को समय से अपने-अपने तैनाती स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं. ब्रीफिंग के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित कर उनका मनोबल भी बढ़ाया गया.
वहीं, गुप्तकाशी सीओ वेद प्रकाश भट्ट ने पिछले सालों के अनुभव साझा किए. जबकि, सोनप्रयाग एसएचओ राकेंद्र सिंह कठैत ने क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों की जानकारी दी. यात्रा के दौरान बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सुचारु यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है.
एसपी निहारिका तोमर ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के लिए आवास और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है. इसके अलावा अन्य जिलों से आने वाले पुलिस बल का भी सहयोग लिया जाएगा, जिसमें स्थानीय पुलिस मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी.



