बौराड़ी स्टेडियम से निकली विशाल रैली, गणेश चौक पर शुरू हुआ धरना; तीन व्यापार मंडलों ने बाजार बंद कर दिया समर्थन
टिहरी। नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर लंबे समय से चल रहा आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मेडिकल कॉलेज संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर 16 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। आंदोलन के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग बौराड़ी स्टेडियम में एकत्र हुए और वहां से रैली निकालकर गणेश चौक स्थित धरना स्थल पहुंचे।
रैली में स्थानीय लोगों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी रही। गणेश चौक पहुंचने के बाद आंदोलनकारियों ने मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। समिति ने क्षेत्र की जनता से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होकर मांग को मजबूती देने की अपील की है।
व्यापार मंडलों ने बंद रखा बाजार
मेडिकल कॉलेज की मांग को स्थानीय व्यापारियों का भी व्यापक समर्थन मिला है। नई टिहरी, बौराड़ी और भागीरथीपुरम व्यापार मंडलों ने आंदोलन के समर्थन में बाजार बंद रखा। व्यापारियों ने मेडिकल कॉलेज को क्षेत्र की जरूरत बताते हुए संघर्ष समिति के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने की बात कही।
स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से बढ़ी मांग
टिहरी और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं की कमी लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में मरीजों को अक्सर बेहतर उपचार के लिए ऋषिकेश और देहरादून रेफर करना पड़ता है। ऐसे में नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग लगातार जोर पकड़ रही है।
संघर्ष समिति का कहना है कि मेडिकल कॉलेज अब महज एक संस्थान की मांग नहीं, बल्कि पूरे टिहरी क्षेत्र की स्वास्थ्य सुरक्षा और भविष्य की आवश्यकता बन चुका है। मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिलने के साथ ही चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
जनसमर्थन जुटाने पर जोर
समिति ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। आंदोलनकारियों ने स्थानीय जनता से अधिक से अधिक संख्या में धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। कुछ दिन पहले हुए प्रदर्शन में भी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही थी।
अब अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत के साथ मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन और तेज होने के संकेत हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों के समर्थन के बीच सरकार की ओर से इस मांग पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।



